नक्सली डिम्बा पाहन ने खूंटी पुलिस के समक्ष किया सरेंडर

खूंटी: यहां नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के रिजनल कमेटी का मेंबर और जोनल कमांडर डिंबा पाहन ने शनिवार को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। डिंबा पर 15 लाख रुपए का इनाम था। इलाके में डिंबा को साइको किलर के रूप में जाना जाता था। बेहद निर्दयता के साथ ये लोगों का कत्ल किया करता था।

डिंबा पाहन का भाई कुंदन पाहन भी नक्सलियों का जोनल कमांडर है। कुंदन पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपए का इनाम रखा है। उसके खिलाफ पूरे राज्य भर के विभिन्न जिलों में 130 से अधिक हिंसा के मामले दर्ज हैं।

नक्सली डिंबा पाहन पर भी नक्सल हिंसा एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस को इसकी तलाश लंबे समय से थी।

इस कुख्यात नक्सली पर तमाड़ के विधायक रमेश सिंह मुंडा, बुंडू के डीएसपी प्रमोद कुमार और इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार की हत्या करने के आरोप हैं।

पुलिस ऑफिसर्स के मुताबिक डिंबा एक साइको किलर रहा है। अपने दुश्मनों को वे बेहद निर्दयता के साथ मारा करता था। पूर्व में सरेंडर कर चुके नक्सलियों ने भी इस बात की जानकारी दी थी।

भाईयों के संपर्क में नहीं है, लेकिन उसको भी सरेंडर कराने की करेगा कोशिश-

  सरेंडर के बाद इस नक्सली ने कहा कि वह पिछले दो साल से अपने भाई और कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन के संपर्क में नहीं है। इसका दूसरा भाई श्याम पाहन भी नक्सली है।

 खूंटी के एसपी अश्विनी सिन्हा ने बताया कि डिंबा पाहन माओवादियों की रिजनल कमेटी का मेंबर और जोनल कमांडर था।

डिंबा पाहन खूंटी जिले के अड़की स्थित बारीगढ़ा गांव का रहने वाला है।

खूंटी के अलावा चाईबासा, रांची और सरायकेला में भी डिंबा पाहन के खिलाफ मामले दर्ज हैं।

1998 में बना था नक्सली

डिम्बा पाहन 1998 में पहली बार भाकपा माओवादी संगठन में शामिल हुआ था।

1999 में वह पहली बार जेल गया। फिर 2000 में बेल मिलने पर बाहर आ गया।

डिंबा ने कहा कि वह जल्द ही अपने फरार भाई को मेन स्ट्रीम में लाने की कोशिश करेगा।

सरेंडर के मौके पर सीआरपीएफ के डीआईजी राजीव राय, कमांडेंट राज कुमार, एएसपी अनुराग राज और एसडीपीओ रणवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस ऑफिसर्स मौजूद थे।

Courtesy: http://www.bhaskar.com/news/c-181-most-wanted-maoist-dimba-pahans-surrenders-before-dig-ranchi-in-khunti-NOR.html


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