नक्सल सरेंडर की होगी क्लोज मॉनिटरिंग : रहाटे

रांची : 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एसके जी रहाटे ने गृह विभाग, आपदा और कारा के प्रधान सचिव के पद पर रविवार को योगदान दिया। उन्होंने दावा किया है कि नक्सल सरेंडर की अब क्लोज मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि ऑपरेशन नई दिशा के तहत ज्यादा से ज्यादा सरेंडर हो और इस पर किसी तरह की अंगुली नहीं उठे। विभाग में जो भी गलतियां प्रकाश में आएगी उस पर कार्रवाई होगी। सुनिश्चित किया जाएगा कि गलतियों की पुनरावृति नहीं हो।

रहाटे ने कहा कि उनकी प्राथमिकता महिलाओं और आमलोगों की सुरक्षा होगी। विधि-व्यवस्था पर फोकस होगा। क्राइम कंट्रोल, पुलिस आधुनिकीकरण और एंटी नक्सल के मोर्चे पर बेहतर परिणाम के साथ पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़े, इसपर भी ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विभाग में कई चुनौतियां हैं। उसको ध्यान में रखकर काम करेंगे। सरकार की जो प्राथमिकताएं हैं उसे पुलिस महकमे में धरातल पर उतारा जाएगा। इसके लिए जो भी विभागीय सहयोग होगा वह गृह विभाग से दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि रहाटे मूल रूप से महाराष्ट्र के निवासी हैं। वे चाईबासा में 1999 में उपायुक्त रह चुके हैं। झारखंड बनने के बाद वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए थे। वर्ष 2014 में वापस आने के बाद इन्हें ऊर्जा विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया था। फिर इन्हें श्रम विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया। इनकी कार्य क्षमता को देखते हुए राज्य सरकार ने इन्हें गृह विभाग के प्रधान सचिव की जवाबदेही सौंपी है।

Courtesy: http://www.jagran.com/jharkhand/ranchi-15307547.html


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