अत्याधुनिक विस्फोटक खोजी यंत्र का ट्रायल

रांची: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बारूदी सुरंग और विस्फोटक हमेशा से पुलिस के लिए परेशानी का सबब रहा है। इससे निपटने को झारखंड पुलिस अत्याधुनिक विस्फोटक खोजी यंत्र का सहारा लेगी। शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय परिसर में मुंबई की पीएससी, साफरन और उसकी सहयोगी कंपनी जी के अलावा अन्य कंपनियों के उपकरणों का मुआयना पुलिस के आलाधिकारियों ने ट्रायल किया।

विस्फोटक खोजने में माहिर है रोबोट : पीएससी कंपनी की ओर से मिनी रोबोट का ट्रायल कराया गया। इस रोबोट का मूवमेंट लैपटॉप के सहारे कराया जाता है। 100 से 200 मीटर दूर से ही लैपटॉप के सहारे इसका संचालन किया जा सकता है। रोबोट में अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं, जो विस्फोटक का पता लैपटॉप के जरिए बताता है। इतना ही नहीं, बरामद विस्फोट को डिफ्यूज करने में ही यह कारगर साबित हो सकता है।

जिराफ : पीसीएस कंपनी ने जिराफ का निर्माण किया है। यह देखने में साधारण-सा उपकरण लगता है। लेकिन इसका उपयोग काफी प्रभावी साबित हो सकता है। यह बम निरोधक दस्ता के लिए काफी फायदेमंद है। इसके सहारे बम को दूर से ही उठाकर सेफ स्थान पर ले जाया जा सकता है। वर्तमान में बम निरोधक दस्ते के लोग ही हाथ से बम को उठाते हैं। ऐसे में खतरा बना हुआ रहता है।

मोबाइल ट्रैकर एक्सप्लोसिव : इसका निर्माण साफरन और जी कंपनी ने संयुक्त तौर पर किया है। मोबाइल ट्रेकर एक्सप्लोसिव देखने में छोटा-सा है। इसे कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। एक्सप्लोसिव का पता यह तत्काल लगा लेता है।

Courtesy: Dainik Jagran 03.03.2012


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