गुमला (26/07/2016):छह लोगों की हत्या में शामिल उग्रवादी गिरफ्तार

District: 
Date of Achievement: 
24/07/2016
Nature of Work: 
Arresting Criminals/Gangsters/Extremist

Recent Photograph of Police Events

गुमला : बसिया में छह लोगों की हत्या, पुलिस के साथ मुठभेड़ और लेवी वसूलने समेत अन्य मामलों में वांछित पीएलएफआई के एरिया कमांडर सहदेव उर्फ दशरथ राम को पुलिस ने रविवार को कामडारा थाना क्षेत्र के पकरा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है।

वह बसिया और आसपास के क्षेत्रों में जघन्य कांडों को अंजाम देने के बाद रांची में छिपकर रहता था।

पीएलएफआई के सबजोनल कमांडर गुजू गोप के बुलावे पर वह रविवार को रांची से ट्रेन से पोकला आ रहा था।

पोकला में पुलिस की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद वह पोकला में उतरने के बजाय पकरा रेलवे स्टेशन में उतरा था। उसके पास से एक बाइक भी बरामद हुई है।

यह जानकारी रविवार को एसपी चंदन झा ने प्रेस कांफ्रेंस में दी है। उन्होंने बताया कि सहदेव के पास से बरामद बाइक को सरिता गांव के बलेराम लेकर आया था।

बलेराम सहदेव को लेकर गुजू गोप के पास जाने वाला था। लेकिन सहदेव के गिरफ्तार होते ही बलेराम बाइक छोड़कर भाग गया।

दाचूटोली नरसंहार में दिनेश के साथ उसका दस्ता था शामिल

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार सहदेव राम के खिलाफ बसिया थाना में 17 मार्च 2016 को गुड़ाम दाचूटोली नरसंहार में चार लोगों की हत्या समेत पांच मामले दर्ज हैं।

पुलिस को दिए बयान में सहदेव ने बताया कि उस नरसंहार में मारे गए सभी मजदूर पहाड़ी चीता के सदस्य थे। लेवी नहीं देने के कारण उनकी हत्या की गई थी।

इस घटना को अंजाम देने में उसके अलावा सुप्रीमो दिनेश गोप, मार्टिन केरकेट्टा, मटकू सिंह, अतुल लकड़ा, भरकू सिंह, मिट्ठू गोप, विजय मुंडा, अंजलूस इंदवार उर्फ बादल लोहरा व दिनेश गोप के दस्ते के अन्य सदस्य थे।

द्वारसेनी में दो लोगों की हत्या में था संलिप्त

बसिया थाना क्षेत्र के बोंडेकेरा गांव में 27 मई 2016 को अजय सिंह व राजू केरकेट्टा को द्वारसेनी ले जाकर गोली मारकर हत्या करने में सहदेव शामिल था।

उसने बताया कि दस्ते के सुरसेन केरकेट्टा ने होंजोर बाजार में दुकानदार अजय से दारू पीने के लिए रंगदारी मांगी थी। अजय उसे दस रुपए दे रहा था। इस दौरान दोनों में विवाद भी हुआ था।

अजय ने सुरसेन के साथ मारपीट की थी। इसके बाद सुरसेन ने इसकी सूचना उसे व जगेशवर राम को दी। इसके बाद तीनों ने मिलकर अजय को सबक सिखाने की रणनीति तैयार की।

मुठभेड़ में बचकर निकलने के बाद चला गया था रांची

 एसपी ने बताया कि वर्ष 2015 के अक्टूबर माह में सहदेव व दस्ते के सनी मुंडा, कृष्णा गोप, लखन मांझी व जगेश्वर राम द्वारसेनी पहाड़ पर एकत्रित हुए थे।

इसी दौरान पुलिस के पहुंचने पर उनके साथ मुठभेड़ शुरू हो गई। गोली कम होने के कारण ये वहां से भाग निकले। लेकिन पुलिस ने सनी व कृष्णा को पकड़ लिया।

पुलिस ने हथियार भी जब्त किया था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने लखन को भी गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर दो देसी रिवाल्वर व पांच गोली बरामद की थी।

पुलिस के लगातार दबिश के कारण सहदेव व जगेश्वर भागकर रांची चले गए थे। वहीं पर रहकर अपने मददगारों से लेवी वसूली का काम कराते रहे।

Courtesy: http://www.bhaskar.com/news/c-181-2007150-ra0033-NOR.html

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