चतरा (04/07/2018): भाकपा माओवादी के सब जोनल कमांडर संजय यादव ने एसपी अखिलेश बी वारियर के समक्ष किया आत्मसमर्पण

District: 
Date of Achievement: 
04/07/2018
Nature of Work: 
Achievement Against Naxals

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चतरा: वर्तमान उपराष्ट्रपति व तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष वैंकैया नायडू के हेलिकॉप्टर में आग लगाने वाले भाकपा माओवादी के कौलेश्वरी जोन के सब जोनल कमांडर संजय यादव उर्फ भागवत यादव उर्फ तारा यादव ने बुधवार को एसपी अखिलेश बी वारियर के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर तारा यादव ने मुख्य धारा में लौटने का निर्णय लिया। संजय यादव के आत्मसमर्पण पर आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी ने बताया कि पुलिस मुख्य धारा से भटके लोगों को लगातार आत्मसमर्पण के लिए अपील कर रही है।

एसपी ने बताया कि संजय यादव के परिजनों ने उनसे संपर्क किया और तारा यादव के आत्मसमर्पण कराने की बात कही। पुलिस ने इसका स्वागत करते हुए उनके परिजनों को तारा यादव के आत्मसमर्पण के लिए अपने कार्यालय में बुलाया। एसपी ने बताया कि झारखंड सरकार के आत्मसमर्पण नीति के तहत सब जोनल कमांडर के लिए लागू सभी सुविधाएं इन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। मौके पर सीआरपीएफ के कमांडेंट पवन कुमार बासन, एसपी अभियान व डीएसपी पितांबर सिंह खरवार मौजूद थे।

एसपी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि किसी भी उग्रवादी संगठन के उग्रवादी जो मुख्य धारा से भटक गए हैं, अभी भी उनके पास समय है। वे आत्मसमर्पण करें और इसका लाभ उठाएं। नहीं तो पुलिस उनके विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई करेगी। उग्रवादियों के विरुद्ध पुलिस का अभियान लगातार जारी है।

आत्मसमर्पण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए संजय यादव ने कहा कि एमसीसी संगठन में अब पहले वाली बात नहीं रही। अब संगठन नीति सिद्धांत से भटक गई है। संगठन में कोई भी निर्णय अब नीति के आधार पर नहीं लिया जाता है। इसके कारण ही उनका संगठन से मोहभंग हो गया और वे पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। उन्होंने संगठन के अन्य साथियों से भी मुख्य धारा में लौटने की अपील की।

संजय यादव ने बताया कि वह वर्ष 1999 के अक्टूबर-नवंबर माह में भाकपा माओवादी संगठन में शामिल हुआ था। एक कांग्रेसी नेता के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद वह उससे बदला लेने के उदेश्य से संगठन में शामिल हुआ था। उस समय के एरिया कमांडर अशोक सिंह के नेतृत्व में वह संगठन में शामिल हुआ था। लगभग 19 वर्षों तक वह संगठन में रहा। इस दौरान वह एरिया कमांडर से लेकर सब जोनल कमांडर तक की जिम्मेवारी निभाई।

आत्मसमर्पण करने वाला भाकपा माओवादी का सब जोनल कमांडर संजय यादव एक दर्जन मामलों में वांछित था। इसमें सबसे चर्चित माला वर्ष 2005 में बाराचट्टी थाना क्षेत्र के धनगांय गांव में वर्तमान उपराष्ट्रपति सह भाजपा के तात्कालीक राष्ट्रीय अध्यक्ष वैंकैया नायडू का हेलिकॉप्टर जलाने का मामला शामिल है। 2005 में वैंकैया नायडू चुनाव प्रचार के लिए झारखंड आए थे। लौटने के क्रम में हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण धनगांय में हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। कुछ ही देर बाद संजय यादव के नेतृत्व में माओवादियों की टीम वहां पहुंची और हेलिकॉप्टर में आग लगा दी। हालांकि इससे पहले एक स्थानीय युवक ने वैंकैया नायडू को बाइक पर बैठाकर वहां से निकाल कर बाराचट्टी थाना पहुंचा दिया था। इस घटना के अलावा संजय के खिलाफ वशिष्ट नगर थाना में पांच, हंटरगंज थाना में एक, सदर थाना में दो, प्रतापपुर थाना में एक व बाराचट्टी थाना में दो अलग-अगल मामले दर्ज हैं।

Courtesy: https://www.bhaskar.com/jharkhand/ranchi/news/sub-zonal-commander-bhagwat-yadav-surrendered-in-chatra-5909559.html

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